जनपद के अधिकांश नगर निकायों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। सभी नगर निकायों में खुले में कूड़ा एकत्र कर अलग-अलग किया जाता है। कूड़ा निस्तारण की सबसे खराब स्थिति पौड़ी में है। जनपद की दो नगर पालिकाएं व दो नगर पंचायतें ट्रंचिंग ग्राउंड विहीन हैं। वहीं नगर निगम कोटद्वार व नगर पालिका श्रीनगर के पास ट्रंचिंग ग्राउंड तो है, लेकिन निकाय क्षेत्र में हुए विस्तार से ग्राउंड नाकाफी साबित हो रहे हैं। वहीं अधिकांश निकायों के कूड़ा निस्तारण के मामले शासन स्तर पर लंबित पड़े हैं।
जनपद में नगर निगम कोटद्वार, नगर पालिका पौड़ी, श्रीनगर व दुगड्डा और नगर पंचायत सतपुली व स्वर्गाश्रम जौंक स्थित हैं। इनमें पौड़ी व दुगड्डा नगर पालिका तथा सतपुली व स्वर्गाश्रम जौंक नगर पंचायतों में ट्रंचिंग ग्राउंड ही नहीं है। इन निकायों में कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था अस्थायी है, जिससे कई बार निकाय क्षेत्रों में कूड़े का अंबार लग जाता है। जनपद में सबसे अधिक खराब स्थिति पौड़ी नगर पालिका की है। यहां पालिका शहर के प्रवेश द्वार पर ही कूड़ा डंप कर रही है। जिस स्थान पर कूड़ा डंप किया जा रहा है, वहां स्थानीय निवासी कई बार विरोध स्वरूप आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन पालिका के पास अन्य कोई व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय निवासियों के विरोध के बावजूद भी लगातार कूड़ा उसी स्थान पर डंप किया जा रहा है। पालिका ने ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जो भूमि चयनित की थी, वह वन भूमि होने के कारण शासन स्तर पर लंबित है। नगर पंचायत सतपुली में भी ट्रंचिंग ग्राउंड की भूमि हस्तांतरण का मामला जिला स्तर पर लंबित है। हालांकि डीपीआर शासन को भेज दी गई है। वहीं नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था अस्थायी तौर पर चल रही है। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। नगर निगम कोटद्वार व नगर पालिका श्रीनगर के पास ट्रंचिंग ग्राउंड हैं, लेकिन निकायों के क्षेत्र में हुए विस्तार के बाद वह ग्राउंड नाकाफी साबित हो रहे हैं। नगर निगम कोटद्वार में जहां भूमि चयनित कर हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान है। वहीं श्रीनगर में चयनित भूमि पर पालिका को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
कूड़ा निस्तारण घर से ही संभव
पौड़ी। जिला प्रशासन का कहना है कि नगर निकायों में ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था की प्रक्रियाएं गतिमान हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि कूड़ा निस्तारण की समस्या का हल काफी हद तक घर से ही शुरू हो सकता है। एडीएम डा. एसके बरनवाल ने कहा कि यदि हम पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह बंद कर दें तो प्लास्टिक कूड़ा काफी हद तक स्वत: ही समाप्त हो जाएगा, जबकि घर के जैविक कूड़े का निस्तारण किचन गार्डन में खाद-पानी के तौर पर कर उसे उपयोगी बनाया जा सकता है।
चार निकायों में हो रहा प्लास्टिक कूड़ा कॉम्पैक्ट
पौड़ी। जनपद के चार निकायों में प्लास्टिक कूड़ा कॉम्पैक्ट कर निकाय अपनी आय बढ़ रही हैं। इनमें नगर पालिका श्रीनगर सबसे ज्यादा प्लास्टिक कूड़ा कॉम्पैक्ट कर विगत दो वर्षों में सात लाख की आय कमा चुकी है। नगर निगम कोटद्वार प्लास्टिक कूड़ा कॉम्पैक्ट कर 98 हजार, नगर पालिका पौड़ी चार हजार रुपये की आय कमा चुके हैं, जबकि नगर पंचायत सतपुली व स्वर्गाश्रम जौंक के पास कॉम्पैक्टर मशीन ही नहीं है।