देवप्रयाग। तीर्थनगरी देवप्रयाग में पिछले चार महीनों से कटखने बंदरों का उत्पात बचा है। बंदरों के हमलों से स्थानीय निवासियों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री भी परेशान हैं। लोगों के अनुसार चार महीनों में बंदर करीब 10 से 15 लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं।
नगर के मुख्य बाजार, संगम स्थल, मंदिरों और झूला पुलों पर बंदरों के झुंड लोगों पर झपट्टा मार रहे हैं और सामान छीन रहे हैं। परिजन बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने जाने को मजबूर हैं जबकि लोग घरों की छतों और आंगनों में निकलने से भी कतरा रहे हैं। प्रमोद टोडरिया, अभिषेक भट्ट और सुशांत बडोला ने बताया कि वन विभाग से कई बार शिकायत भी कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं वन विभाग का कहना है कि नगर निकाय सीमा में बंदरों को पकड़ने की प्राथमिक जिम्मेदारी नगरपालिका की है। वन विभाग केवल तकनीकी सहयोग दे सकता है। वहीं नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एक-दो दिन में बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा। संवाद