जम्मू। बिजली खरीद की देनदारियां पूरी करने के लिए केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को 4580 करोड़ रुपये का विशेष ऋण देगी। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरएफसी) ने विशेष लॉंग टर्म लोन के रूप में 2290-2290 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है ताकि इससे बिजली की देनदारियां पूरी की जा सकें। राष्ट्रीय थर्मल पावर कारपोरेशन लिमिटेड, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन जैसी विभिन्न केंद्रीय बिजली उत्पादन कंपनियों की देनदारियां सरकार पर हैं। ऋण आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज का हिस्सा होगा। अब जम्मू-कश्मीर प्रशासन को पीएफसी और आरएफसी से एमओयू करना होगा।
सूत्रों के अनुसार पैकेज के तहत केंद्र सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की सहायता के लिए 90 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज का आवंटन किया है जो कारोना संक्रमण के दौरान हुए आर्थिक नुकसान को कम करेगी। ऋण का भुगतान 10 साल में करना होगा, जिसमें तीन साल तक किसी प्रकार के किस्त का भुगतान नहीं होगा। इसे 84 ईएमआई (समान मासिक किस्तों) में चुकाना होगा। मौजूदा समय में 9646 करोड़ रुपये का ऋण बिजली खरीद के मद्द में है। बकाया है।
2016 में उज्ज्वल डिस्काम योजना हुई थी लागू
वर्ष 2016 में जम्मू-कश्मीर ने उज्ज्वल डिस्काम एश्योरेंस योजना (उदय) को लागू किया था। इसके तहत राज्य सरकार को 3537.55 करोड़ रुपये के बिजली खरीद के बकाया को पुनर्गठित करने को कहा गया था। देनदारी इस वजह से यहां अधिक है क्योंकि बिजली खरीद तथा राजस्व प्राप्ति में भारी अंतर है।