चार साल का लेखा-जोखा
| वित्तीय वर्ष |
उपलब्ध निधि |
स्वीकृत कार्य |
स्वीकृत राशि, |
खर्च राशि |
खर्च प्रतिशत |
पूरे कार्य |
प्रगति पर |
| 2022-23 |
3.75 करोड़ |
199 |
199 3.23 करोड़ |
3.23 करोड़ |
80% |
177 |
22 |
| 2023-24 |
5 करोड़ |
230 |
4.71 करोड़ |
3.9 करोड़ |
79% |
184 |
46 |
| 2024-25 |
5 करोड़ |
187 |
4.65 करोड़ |
4.12 करोड़ |
82% |
123 |
64 |
| 2025-26 |
5 करोड़ |
179 |
4.60 करोड़ |
3.89 करोड़ |
78% |
37 |
142 |
| कुल योग |
18.75 करोड़ |
795 |
17.19 करोड़ |
14.97 करोड़ |
521 |
521 |
274 |
विधानसभा क्षेत्र में मैंने पूरी विधायक निधि आवंटित करने का प्रयास किया है। ग्रामीण अंचलों से जिन कार्यों के प्रस्ताव मिलते थे, उनपर प्राथमिकता के आधार पर निधि आवंटित की गई। महिला व युवक मंगल दलों को ग्रामीण समाज के लिए उपयोगी सामान भी दिया गया। ज्यादातर स्कूल, कॉलेज, छोटे संपर्क मार्ग, सौंदर्यीकरण के होते हैं। अंतिम वर्ष में भी विधायक निधि इसी प्रकार से आवंटित की जा रही है। - महंत दिलीप रावत, विधायक लैंसडौन
लैंसडौन की समस्याओं को लेकर विधायक सजग रहे। छावनी परिषद की समस्याओं को उचित माध्यम से रक्षा मंत्री व केंद्र सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विधायक निधि का आवंटन जरूरतमंद क्षेत्र में किया गया। -करण अग्रवाल, लैंसडौन नगर
ये भी पढे़ं...देहरादून: किराये पर गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड; सर्विस नहीं छल है, ऑनलाइन ऑफर के ऐसे झांसे में गलती से भी न आएं
विधायक निधि केवल ढोलक चिमटा, बर्तन भांडे व माइक साउंड उपकरण बांटने तक ही सीमित रही है। वह भी अपनी पार्टी और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए दिया गया। गांवों के पैदल रास्तों में उगी घनी झाड़ियों का कटान न होने के कारण ग्रामीणों का जीवन खतरे में है। -विक्रांत खंतवाल, सिसल्डी, जयहरीखाल