वन स्टॉप सेंटर के कार्यकर्ताओं ने कांडई गांव, अमला क्वार्टर और प्रार्थना भवन आदि क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं के साथ बैठक कर वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी दी। सेंटर में कार्यरत रमन रावत पोली ने बताया कि महिलाओं से किसी भी तरह की हिंसा होने पर महिला हेल्पलाइन 181 और सीधे केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं। हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं, जिनमें चिकित्सा सुविधा, विधिक सेवा, पुलिस सहायता, परामर्श, 5 दिन का अस्थायी प्रवास निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं का जिले के एकमात्र कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तरपालीसैंण में नि:शुल्क प्रवेश कराया जा सकता है। इस मौके पर सुपरवाइजर गीता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीनाक्षी जोशी, उषा पंत, विनीता रावत और वन स्टॉप सेंटर की दीपाक्षी नैथानी मौजूद रहे।