जिला जज पौड़ी के न्यायिक क्षेत्राधिकार की कुछ शक्तियों को अपर जिला जज कोटद्वार को हस्तांतरित किए जाने से आक्रोशित अधिवक्ता मंगलवार को कार्यबहिष्कार पर रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह निर्णय क्षेत्राधिकार में विसंगता व मुख्यालय की उपेक्षा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी विरोध स्वरूप अधिवक्ता कार्यबहिष्कार पर रहेंगे। संघ की अहम बैठक के बाद मामले में अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
मंगलवार को न्यायालय परिसर में जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने एक बैठक की। संघ के अध्यक्ष मेहरबान सिंह भंडारी ने कहा कि मुख्यालय पौड़ी की उपेक्षा को अधिवक्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में विसंगता होने के साथ-साथ पौड़ी की उपेक्षा है। कार्यबहिष्कार करने वालों में संघ के सचिव आमोद नैथानी, पूर्व अध्यक्ष आशीष जदली, अधिवक्ता महेश बलूनी, भूपेंद्र पुंडीर, कुसुम नेगी, गजेंद्र रावत, दिगपाल नेगी, पीबी पंत, पूरण सिंह नेगी, रश्मि, ममता आदि शामिल रहे।