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शंकराचार्य मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ हुई पवित्र छड़ी पूजा

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श्रीनगर। श्रावण अमावस्या पर सोमवार को शंकराचार्य मंदिर में अमरनाथ छड़ी मुबारक की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। श्रीनगर के दशनामी अखाड़े से सोमवार सुबह बम-बम भोले के जयकारों के बीच महंत दीपेंद्र गिरि की अगुवाई में साधुओं के एक दल द्वारा श्री अमरनाथ जी की छड़ी मुबारक को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया। छड़ी मुबारक को मंगलवार को श्रीनगर के रैनावाड़ी इलाके में स्थित हरी पर्वत पर स्थित शारिका देवी मंदिर ले जाया जाएगा।
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दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि आम तौर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में साधु संत इस पूजा में भाग लेते हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते कुछ ही साधु आ पाए। शंकराचार्य मंदिर में करीब डेढ़ घंटे पूजा-अर्चना की गई। महंत ने बताया कि इस दौरान जम्मू-कश्मीर में अमन शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। यह भी बताया कि इस वर्ष की अमरनाथ जी यात्रा में छड़ी मुबारक के साथ जाने वाले साधुओं के लिए रहने, खाने और ट्रांसपोर्ट की सुविधा की जाएगी।
अमरनाथ यात्रा पर अब भी संशय, केंद्र से ली जा रही सलाह
छड़ी मुबारक की यात्रा तो शुरू हो गई है, लेकिन अमरनाथ यात्रा पर अब भी संशय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से यात्रा की आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई। हालांकि, यह बात सामने आई थी कि 21 जुलाई से यात्रा शुरू की जा सकती है। लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते प्रशासन कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। कश्मीर में स्थिति दिनोंदिन काफी खराब होती जा रही है। इस बारे में केंद्र सरकार से भी सलाह ली जा रही है कि यात्रा कैसे शुरू की जानी है तथा उसका स्वरूप क्या होगा।
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