शुक्रवार की रात लगभग छह घंटे की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पहाड़ियों से मलबा आ गया। वहीं, करीब एक दर्जन दुकानों और घरों में पानी घुस गया। व्यापारियों का हजारों का माल खराब हो गया। उन्होंने सामान के मुआवजे के साथ ही पानी की निकासी की व्यवस्था की भी मांग की है।
श्रीकोट, श्रीनगर और भक्तियाना सभी जगह यही हाल रहा। बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर कई स्थानों में एक से डेढ़ फीट गहरे गड्ढों में पानी भर गया। श्रीकोट में मुकेश नेगी, मानेंद्र नेगी, कैलाश कपरुवाण और विकास शर्मा तथा भक्तियाना में प्रदीप नेगी की दुकान में रखा सामान मलबे और पानी से खराब हो गया। श्रीकोट पेट्रोल पंप के नजदीक हाईवे बीच में धंस गया।
नगर पालिका सभासद भक्तियाना हिमांशु बहुगुणा का कहना था कि पानी की निकासी की व्यवस्था बनाने केसंबंध में पालिका और पीडब्ल्यूडी नेशनल हाईवे खंड को पहले ही सूचित कर दिया गया था, लेकिन समय पर कदम नही उठाए गए। साफ किया कि अगर 15 दिन के भीतर व्यवस्था दुरुस्त न की गई तो वह धरने पर बैठेंगे।