संवाद न्यूज एजेंसी
पौड़ी। स्वस्थ बालिका ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है। बालिकाओं को स्कूली जीवन से ही अपने स्वास्थ्य के प्रति स्वयं भी सजग होना चाहिए। यह बात अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में महिला चिकित्साधिकारी ने कही।
शहर के बीआर मॉडर्न स्कूल में शनिवार को समाज निर्माण में शिक्षित व स्वस्थ बालिकाओं का योगदान विषय पर अपराजिता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जिला अस्पताल पौड़ी की महिला चिकित्साधिकारी डॉ. अंजलि अभिलाषी ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में स्कूली जीवन से छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। शिक्षा की तरह स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बालिकाओं का स्वास्थ्य भी उत्तम होना चाहिए। डॉ. अंजलि ने छात्राओं को आयुवार होने वाली शारीरिक बदलाओं की वैज्ञानिक जानकारियां दीं। कहा कि किशोरावस्था से युवावस्था के दौरान बालिकाओं में कई अहम बदलाव होते हैं जिनकी जानकारियां छात्राओं को होनी जरूरी हैं। उन्होेंने बताया कि बालिकाओं में आठ वर्ष के बाद शारीरिक और मानसिक बदलाव शुरू होने लगते हैं जो कि हार्मोनल बदलावों के कारण होते हैं। ये बदलाव बालिकाओं में भावनात्मक रूप से भी परिवर्तन लाते हैं। उन्होंने छात्राओं को शरीर को स्वस्थ रखने के कई जरूरी टिप्स भी दिए। इस दौरान उन्होंने सवालों के माध्यम से छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी शंकाओं का समाधान भी किया।
वहीं पौड़ी कोतवाली के उपनिरीक्षक रविंद्र भंडारी ने छात्राओं को महिला अधिकारों, गुड टच बेड टच, पॉक्सो एक्ट और मोबाइल फोन से होने वाले साइबर अपराधों की भी विस्तार से जानकारियां दी। उप प्रधानाचार्य गोपाल ममगाईं ने बालिकाओं को शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। कहा कि शरीर स्वस्थ रहेगा तभी बालिकाएं समाज निर्माण में वह अपना सम्पूर्ण योगदान दे पाएंगी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मनीष बडोनी ने किया। इस मौके पर उपनिरीक्षक मेहराजुद्दीन, देवेंद्र सिंह नेगी, नरेंद्र सिंह, गोपाल रावत आदि मौजूद रहे।