केंद्र सरकार की ओर से पौड़ी स्वास्थ्य विभाग को भेजे पत्र में बताया गया है कि हाल ही में चीन से जिले के 12 लोग लौटे हैं। ऐसे में विभाग कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए इन सभी लोगों की जांच करे। पत्र मिलते ही विभाग ने चीन से लौटे एक व्यक्ति की जांच की है, जिसमें वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं, जबकि और की तलाश की जा रही है। इधर, विभाग ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 15 निगरानी टीमें व चार नोडल सेंटर बना लिए हैं।
चीन में कोरोना वायरस के कोहराम से स्वास्थ्य जगत परेशान है। भारत में चीन से लौट रहे लोगों को निगरानी में रखने के साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य विभाग लगातार चीन से लौट रहे लोगों पर कड़ी निगरानी रखे हुए है। पांच फरवरी को स्वास्थ्य विभाग पौड़ी को केंद्र सरकार की ओर से एक पत्र मिला, जिसमें बताया गया कि 17 जनवरी से एक फरवरी के बीच पौड़ी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कामकाज या यात्रा पर चीन गए लोग लौट आए हैं। चीन में फैले कोरोना वायरस की दहशत को देखते हुए इनका तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए।
पत्र मिलते ही स्वास्थ्य विभाग केंद्र सरकार से मिली सूची के अनुसार चीन से लौटे लोगों की खोजबीन में जुट गया है। विभाग ने एक व्यक्ति को ट्रेस किया और उसका परीक्षण किया। राहत की बात यह है कि उसमें कोरोमा वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से मिली सूची में लोगों के गांवों, क्षेत्रों के नाम पते सही नहीं होने और कोई मोबाइल या फोन नंबर नहीं होने से उन लोगों को ढूंढने में समय लग रहा है। बावजूद इसके शेष 11 लोगों की तलाश जारी है।
एसीएमओ डा. रमेश कुंवर ने बताया कि केंद्र सरकार से 12 संदिग्ध लोगों की सूची मिली है, जिनमें से एक का परीक्षण कर लिया गया है। जबकि अन्य को परीक्षण के लिए तलाशा जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य महकमा कोरोना वायरस को लेकर पहले से ही सतर्क है। विभाग ने जिला चिकित्सालय पौड़ी, संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर, मेडिकल कालेज श्रीनगर व बेस चिकित्सालय कोटद्वार को नोडल केंद्र बनाया है। साथ ही कोरोना वायरस के परीक्षण, रोकथाम व जागरूकता के लिए 15 निगरानी टीमें गठित की हैं। जो जनपद के प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय में तैनात है। टीम में 1-1 डाक्टर, फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वाय व एएनएम शामिल हैं।