केंद्रीय गढ़वाल विवि प्रशासन पर विवि की प्रथम कोर्ट के सदस्य को अधिसूचना
(नोटिफिकेशन) जारी होने की तिथि की स्पष्ट जानकारी नहीं देने का आरोप
लगाया है। कोर्ट के सदस्य योगंबर खंडूरी ने कुलपति को पत्र लिखकर इस पर नाराजगी जाहिर की है।
पिछले साल 22 दिसंबर 2014 को केंद्रीय गढ़वाल विवि के कुलसचिव पीएस राणा ने अधिसूचना जारी करते हुए एमएचआरडी द्वारा नामित विवि की प्रथम कोर्ट के सदस्यों की सूची जारी की थी। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों से 31 प्रतिष्ठित लोगों को शामिल गया।
एमएचआरडी ने जारी की अधिसूचना
विवि द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि केंद्रीय विवि एक्ट 2009 के अनुसार एमएचआरडी ने सदस्यों को नामित किया है। कोर्ट सदस्यों का कार्यकाल एमएचआरडी द्वारा जारी अधिसूचना की तिथि से तीन साल के लिए है। लेकिन यह नहीं लिखा गया कि एमएचआरडी ने अधिसूचना कब जारी की।
कोर्ट सदस्य खंडूरी ने बताया कि उन्होंने 19 जनवरी 2015 को कुलपति को पत्र लिखकर एमएचआरडी की अधिसूचना जारी होने की तिथि बताने का अनुरोध किया था। जवाब में 26 फरवरी को उनको कुलसचिव का पत्र प्राप्त हुआ। इसमें उनको मांगी गई जानकारी नहीं मिली। बल्कि विवि की अधिसूचना की तिथि ही बताई गई।
वहीं गढ़वाल विवि के कुलसचिव प्रो. पीएस राणा ने कहा कि उक्त पत्र का जवाब, पत्र मिलने पर दिया जाएगा।