देवप्रयाग। चंद्रबदनी गैस सर्विस अंजनीसौंण के खिलाफ गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में अनियमितता और कालाबाजारी की लगातार शिकायतें आ रही हैं। जिला आपूर्ति विभाग ने इस पर सख्त रुख अख्तियार किया है। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी व क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) जाखणीधार के नोडल अधिकारी गरविन भट्ट को मामले की संयुक्त जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
स्थानीय हरिदत्त ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक शिकायतीपत्र दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि डीएसी प्राप्त होने के बावजूद उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही है। आरोप लगाया कि गैस एजेंसी सिलिंडरों की कालाबाजारी भी कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी गरविन भट्ट को इस प्रकरण को तत्काल क्यूआरटी टीम के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीम को मौके पर जाकर संयुक्त जांच करने और जांच आख्या जल्द से जल्द कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
फोटो
लकड़ी और डीजल की भट्टियों पर बनेगा लंगर
20 की शाम को श्रीनगर पहुंचेगा हेमकुंड साहिब का जत्था, गुरुद्वारे ने की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने हैं। इसके लिए 20 मई को ऋषिकेश से पहला जत्था शाम को श्रीनगर पहुंचेगा और 21 मई की सुबह गोविंदघाट के लिए रवाना होगा। हेमकुंड यात्रा के दौरान श्रीनगर गुरुद्वारा श्रद्धालुओं का केंद्र बन जाता है। मगर इस यात्रा सीजन में गैस सिलिंडरों की कमी ने गुरुद्वारा प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में गुरुद्वारे में अब लकड़ी और डीजल भट्टियों का सहारा लिया जा रहा है।
श्रीनगर गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधक हरविंदर सिंह लक्की ने बताया कि यात्रा के लिए गुरुद्वारे में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सामान्य दिनों में गुरुद्वारे को हर महीने करीब 70 गैस सिलिंडर मिलते हैं लेकिन इस बार इंडियन गैस एजेंसी से केवल 10 से 12 सिलिंडर ही मिले हैं। ऐसे में लंगर की व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। लक्की ने बताया कि यात्रा सीजन में गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 800 से अधिक पहुंच जाती है जबकि जून और जुलाई में प्रतिदिन करीब 900 से 1000 यात्री श्रीनगर में रात्रि विश्राम करते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुद्वारे में लकड़ी की बड़ी भट्टी और दो डीजल की भट्टियां लगाई गई हैं जिन पर लंगर तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।