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नशे के खिलाफ मजबूत नेटवर्क रखने वाले अफसर शामिल होंगे एएनटीएफ में

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जम्मू। नशा तस्करों से निपटने के लिए गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के लिए 30 इंस्पेक्टरों और सब इंस्पेक्टरों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें तेज तर्रार और नशे के खिलाफ मजबूत नेटवर्क रखने वाले अफसर ही तैनात किए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो उन इंस्पेक्टरों और सब इंस्पेक्टरों को शामिल करने की योजना है जो पिछले कुछ समय में नशे की सबसे अधिक खेप पकड़ने में कामयाब हुए हैं या फिर आतंक विरोधी दस्ते एसओजी में काम कर चुके हैं, या फिर जिनका अच्छा खासा नेटवर्क है, जिनको नशे की खेप आने पर इनपुट मिल जाता है। ऐसे लोगों की तलाश पर जोर दिया जा रहा है।
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पांच इंस्पेक्टर जम्मू और पांच कश्मीर संभाग से चुने जाएंगे, जबकि 9 सब इंस्पेक्टर जम्मू और 9 ही कश्मीर से चुने जाएंगे। इतने ही सहायक सब इंस्पेक्टर दोनों संभाग से चुने जाएंगे। एएनटीएफ के एसएपी विनय शर्मा का कहना है कि जल्द ही इंस्पेक्टरों, सब इंस्पेक्टरों और सहायक सब इंस्पेक्टरों समेत अन्य स्टाफ का चयन किया जाएगा। इस पर काम चल रहा है।
बता दें कि प्रदेश से नशे को खत्म करने के उद्देश्य से इसका गठन किया गया है। प्रदेश पुलिस की एक अलग विंग बनाई गई है। जो विशेष तौर पर नशा तस्करी के मामलों में जांच और कार्रवाई करेगी। हाल ही में गृह विभाग ने इसकी मंजूरी दी है। पुलिस की ओर से केंद्र को इसके गठन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसमें 100 कर्मचारियों का स्टाफ होगा।
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कार्यालय के लिए सैनिक कॉलोनी, छन्नी समेत 4 जगह चिह्नित
वहीं एएनटीएफ के कार्यालय की तलाश भी तेज कर दी गई है। उच्च प्रशासन की ओर से शहर के सैनिक कॉलोनी, छन्नी समेत तीन चार जगहों को देखा गया है। यहां पर एएनटीएफ कार्यालय काम शुरू करेगा। हालांकि अभी तक दो ही अधिकारियों ने एएनटीएफ में ज्वाइनिंग की है। इनमें एसपी विनय शर्मा और डीएसपी अरुण जमवाल शामिल हैं। इन्होंने पंजतीर्थि स्थित आईजी क्राइम के कार्यालय में ज्वाइनिंग की है। इंस्पेक्टरों, सब इंस्पेक्टरों, सहायक सब इंस्पेक्टरों और कांस्टेबलों के नाम फाइनल होने हैं।
दो महीने के लिए खुल सकता है अस्थायी कार्यालय
सूत्रों की मानें तो शहर के शकुंतला स्थित सरकारी क्वार्टरों में दो महीने के लिए अस्थायी कार्यालय खुल सकता है। इसके लिए आईजी क्राइम की ओर से गृह विभाग को चिट्ठी लिखकर जगह मांगी गई है।
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