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चैत की चैत्वाली पर थिरके दर्शक

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पौड़ी के परसुंडाखाल में लोकनृत्य की प्रस्तुति देती महिलाएं। - फोटो : PAURI
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विकासखंड पौड़ी के परसुंडाखाल में आयोजित मकरैंण मेला रंगारंग कार्यक्रमों साथ संपन्न हो गया है। दो दिवसीय मेले के दूसरे दिन क्षेत्र की विभिन्न गांवों की महिला मंगल दलों ने थड़िया-चौफला की मोहक प्रस्तुतियां दी। मेले में प्रसिद्घ लोक गायक अनिल बिष्ट की प्रस्तुतियों ने दिनभर समा बांधे रखा।
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बुधवार को परसुंडाखाल में मकरैण मेला समिति पैडुलस्यूं द्वारा आयोजित मेले के अंतिम दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशर सिंह नेगी ने किया। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीण परिवेश में आपसी समन्वय से आयोजित मेले की खूब सराहना की। कहा कि मेले पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने के साथ ही लोगों को आपस में जोड़ने का माध्यम हैं। मेले में निसणी, कमेड़ा, कांडई तल्ली सहित अनेक गांवों के महिला मंगल दलों व क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, लोकगीत व अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर वाहवाही बटोरी। लोक गायक अनिल बिष्ट ने हनुमंत बलवीरा स्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। बिष्ट ने जैसे ही चैते की चैत्वाली गीत की प्रस्तुति दी, तो दर्शक खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। उन्होंने हुंगरा लगोंदी भग्यानी, पाबौ बजारा सहित अनेक गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक गायिका राजलक्ष्मी के गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों की उन्हें खूब सराहना मिली। संचालन वीरेंद्र सिंह रावत ने किया। इस मौके पर मेला समिति सचिव प्रशांत रावत, प्रमुख पौड़ी दीपक कुकसाल, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री राजेंद्र शाह, पूर्व प्रमुख कोट नवल किशोर, जिपं सदस्य मुकेश बिष्ट, विनोद धनोशी, अनूप कंडारी, विजय रतूड़ी, कुलदीप गुसांई, संजय कठैत, विकास, शैलेश गुसांई, श्रवण पवांर आदि शामिल थे।
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