पौड़ी। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में अनियमितता सामने आने के बाद अब विकास खंड पौड़ी के ग्राम पंचायत निसणी में हुए चार विकास कार्यों में 89 हजार से अधिक सरकारी धन के गबन का खुलासा डीडीओ पौड़ी की जांच में हुआ है। डीएम पौड़ी डाॅ. आशीष चौहान ने विकास कार्यों के प्रति बरती गई इस घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ व डीपीआरओ पौड़ी को वसूली के आदेश दिए हैं। यह वसूली चार सरकारी कर्मचारी, संबंधित ठेकेदार, दो जनप्रतिनिधियों से की जाएगी।
डीएम पौड़ी डाॅ. आशीष चौहान बीते 3 अगस्त 2024 को पौड़ी ब्लाॅक के ग्राम पंचायत निसणी पहुंचे थे। जहां उन्होंने विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया था। इस दौरान डीएम ने विकास कार्यों में अनियमितता पकड़ी थी। उन्होंने डीडीओ पौड़ी को विकास कार्यों की गहनता से जांच किए जाने का आदेश दिया था। डीएम के निर्देश पर डीडीओ पौड़ी मनविंदर कौर ने निसणी में पांच विकास कार्यों की जांच की। इनमें उद्यानीकरण, सुरक्षा दीवार, एक सुरक्षा दीवार-पीसीसी निर्माण, पुस्ता निर्माण व फार्म पोंड निर्माण कार्य शामिल रहे।
डीडीओ ने प्रकरण की जांच रिपोर्ट डीएम पौड़ी को सौंपी। जांच में तीन विकास कार्यों में 89 हजार 788 रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग की पुष्टि की गई है। जबकि एक प्रकरण में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीएम डाॅ. आशीष चौहान ने सरकारी धन के गबन को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ व डीपीआरओ पौड़ी को वसूली किए जाने का आदेश दिया है।
केस एक
निसणी में एक सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य 2018-19 में किया गया था। एक लाख की लागत के इस कार्य को माप पुस्तिका में 65.52 क्यूबिक मीटर दिखाया गया था। जबकि जांच में वह 56.60 क्यूबिक मीटर पाया गया। जिसमें वित्तीय अनियमितता पर 12 हजार 390 रुपये की वसूली होगी। वहीं एक दूसरी सुरक्षा दीवार क लंबाई कम पाई गई है, जिस पर 10, 445 रुपये की वसूली होगी।
केस दो
निसणी में 2019-20 में सुरक्षा दीवार-पीसीसी का निर्माण कार्य एक लाख की लागत से किया गया। एमबी में सुरक्षा दीवार को 375 मीटर लंबा व 10 सेंटीमीटर पीसीसी दिखाया गया था। जबकि मौके पर दीवार 230 मीटर लंबी पाई गई। इस वित्तीय अनियमितता में 24 हजार 479 रुपये की वसूली की जाएगी।
केस तीन
निसणी में एक पुश्ता का निर्माण किया गया है। जिसकी लंबाई 830 मीटर व 2.30 मीटर ऊंची बताया गया है। एमबी में पुश्ते को 25.02 क्यूबिक मीटर दर्शाकर भुगतान किया गया है। जबकि जांच में पुश्ता 15.69 क्यूबिक मीटर पाया गया, जो 9.33 क्यूबिक मीटर कम था। जिसमें 42 हजार 521 रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है।
केस चार
ग्राम पंचायत निसणी में चयनित 10 हजार वर्ग मीटर भूमि पर उद्यानीकरण कार्य किया जाना था। जांच में पाया गया कि डीएम के निरीक्षण के दिन चयनित क्षेत्र में 350 पौधे रोपे गए थे। जांच अधिकारी के पहुंचने पर 150 और रोप दिए गए थे। उद्यानीकरण 6 हजार वर्ग मीटर में किया गया था, जो लक्ष्य से 4 हजार वर्ग मीटर कम था। साथ ही झाड़िया नहीं काटी गई थीं। खाद भी पौधों में कम डाली गई थी। निराई-गुड़ाई निरंतर प्रक्रिया है, बावजूद इसका एक मुश्त भुगतान किया गया था। प्रकरण में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
इनसे होगी वसूली
ग्राम पंचायत निसणी में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता के दोषी चार सरकारी कर्मचारियों, संबंधित ठेकेदार, पूर्व व निवर्तमान ग्राम प्रधान से वसूली होगी। डीडीओ कौर ने बताया कि विकास कार्यों में अनियमितता के दोषी ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता मनरेगा, कनिष्ठ अभियंता पंचायत, ग्राम मनरेगा सेवक, संबंधित ठेकेदार, पूर्व व निवर्तमान ग्राम प्रधान से वसूली की जाएगी।