घर पर रहकर नमाज अता करते नमाजी।
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जम्मू। कोरोना महामारी ने बकरीद का मजा भी किरकिरा कर दिया। मुस्लिम भाइयों को लगातार दूसरी ईद भी पाबंदियों के बीच ही मनानी पड़ी। शनिवार को यह पर्व सादे समारोह के रूप में मनाया गया। घरों में रहकर ही नमाज अता की गई। मस्जिद इंतजामिया कमेटियों के सदस्यों ने ही मस्जिदों में नमाज अता की। इस दौरान कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी गई। शहर में वीकेंड लॉकडाउन को देखते हुए मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था। शुक्रवार शाम से लागू वीकेंड लॉकडाउान के कारण शनिवार को शहर भर में सन्नाटा पसरा रहा। मजिस्दों में सुबह छह बजे नमाज पढ़ी गई। नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ।
जामा मस्जिद लखदत्ता बाजार के चेयरमैन मुश्ताक मीर ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते अधिकांश लोगों ने घरों में रहकर बकरीद मनाई। उन्होंने बताया कि दो दांत के बकरे की कुर्बानी अच्छी मानी जाती है। कुर्बानी देने का सिलसिला रविवार और सोमवार आधे दिन तक चलेगा। इस बार यह त्योहार पहले के मुकाबले काफी अलग रहा। सभी ने एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर मुबारकबाद दी। बकरीद संभाग के दूरदराज इलाकों में बड़ी सादगी के साथ मनाई गई। दूरदराज गांवों में लोगों ने मस्जिदों में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए नमाज अता की।