गढ़वाल विवि के बीजीआर परिसर में सीएए पर रद्द हुए कार्यक्रम को लेकर एनएसयूआई की गुटबाजी सामने आई है। परिसर में सात फरवरी को आयोजित होने वाले सीएए की कार्यशाला का एनएसयूआई के प्रदेश सचिव ने जहां विरोध किया था। वहीं अब जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम के विरोध को लेकर एनएसयूआई का नाम जोड़ने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा करार दिया।
विवि के बीजीआर परिसर पौड़ी के गणित विभाग में सात फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर कार्यशाला का आयोजन किया जाना था। लेकिन एनएसयूआई के प्रदेश सचिव मोहित सिंह कार्यशाला के आयोजन को परिसर के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने वाला बताया। छात्रों के विरोध व कानून व्यवस्था को देखते हुए परिसर प्रशासन ने कार्यशाला को रद्द कर दिया था। लेकिन अब एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष गौरव सागर ने सीएए की कार्यशाला के विरोध में संगठन का नाम लिए जाने को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कहा कि एनएसयूआई सीएए के खिलाफ है। लेकिन परिसर में छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी होनी चाहिए। कहा कि कार्यक्रम न तो सीएए के समर्थन में था और न ही विरोध में। कहा कि कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य छात्रों को इस कानून की जानकारी दिया जाना था। छात्रसंघ अध्यक्ष आस्कर रावत ने कहा कि सीएए की जानकारी हर छात्र-छात्रा को देनी जरूरी है। जिससे कि वह इसे भली भांति समझ सकें। कहा कि कार्यशाला के आयोजन का विरोध किया जाना गलत है।