श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से ‘विज्ञान और मानव स्वास्थ्य’ विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वास्तविक जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया।
विज्ञान और मानव स्वास्थ्य पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि सवाल करना और तार्किक दृष्टिकोण अपनाना वैज्ञानिक स्वभाव का सार तत्व है। प्रो. आरसी रमोला ने कहा कि वास्तविक जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उसके अनुप्रयोग की आवश्यकता है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 51 के बारे में भी चर्चा की। डा. महेश भट्ट ने कहा कि वैज्ञानिक स्वभाव सभी प्रकार की असमानताओं को दूर करने में मदद करता है। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सीमा धवन ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक प्रो. एमएम सेमवाल, डा. प्रशांत कंडारी, डा. ज्योति तिवारी, प्रो. महावीर सिंह नेगी, प्रो. राकेश कुंवर, डॉ. नितिन सती, अरुण शेखर बहुगुणा एवं डीन स्कूल ऑफ साइंस प्रो. आरसी डिमरी, डीन स्कूल ऑफ एजुकेशन प्रो. एसएस रावत आदि मौजूद थे।