55 से बढ़कर 135 एलपीसीडी होगी आपूर्ति
श्रीनगर पेयजल पुनर्गठन योजना को मिली स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। नगर निगम में शामिल 21 गांवों में पेयजल व्यवस्था अब शहरी मानकों के अनुरूप होने की उम्मीद जगी है। 65 करोड़ 29 लाख रुपये की श्रीनगर पेयजल पुनर्गठन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद इन गांवों में वर्तमान में उपलब्ध करीब 55 एलपीसीडी पानी की मात्रा बढ़कर 135 एलपीसीडी हो जाएगी। नगर निगम में शामिल गांवों में सीवेज सुविधा के लिए यह मानक जरूरी है।
नकोट, दिगोली, धनचड़ा, वैद्यगांव, रतूड़ा, स्वीत, कोटेश्वर गूठ, फरासू, सेम, गहड़, चोपड़ा, ढामक, डुंगरीपंथ, कलियासौड़, हैड़ी, धौड़ा और उफल्डा समेत अन्य गांवों में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी है। योजना के धरातल पर उतरने से पेयजल संकट के स्थायी समाधान की उम्मीद है। वार्ड 1 कलियासौड़ के पार्षद राजेंद्र नेगी ने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए धनराशि उपलब्ध हो गई है लेकिन वार्ड में रास्तों और सड़कों की स्थिति दयनीय है। चोपड़ा गांव के लिए लोनिवि ने करीब पांच वर्ष पहले सड़क काटी थी लेकिन अब तक डामरीकरण नहीं हुआ। हैड़ी गांव में सीसी और इंटरलॉकिंग का काम भी आधा-अधूरा पड़ा है जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
बिजली समस्या के समाधान की उम्मीद
वार्ड 40 बिल्केदार से निगम पार्षद संदीप रावत ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की समस्या बनी रहती है। पेयजल पुनर्गठन योजना से लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि सेमला और पुंडरी में स्ट्रीट लाइटों की समुचित व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण होना है जिससे बिजली समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद है।