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श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि के इतिहास विभाग के सहायक आचार्य डॉ. नागेंद्र एस. रावत का चयन यूरोप की प्रतिष्ठित ‘एट्रियम ट्रांसनेशनल एक्सेस योजना’ के तहत हुआ है। वे साइप्रस इंस्टीट्यूट की कला विश्लेषण प्रयोगशालाओं (एपीएसी) में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ शोध व प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यांकन के बाद उनके शोध प्रस्ताव की वैज्ञानिक गुणवत्ता और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण में योगदान के आधार पर यह चयन हुआ है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सांस्कृतिक विरासत, पुरातात्त्विक अवशेषों व ऐतिहासिक सामग्रियों के वैज्ञानिक विश्लेषण और संरक्षण की आधुनिक विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। डॉ. रावत वर्तमान में गढ़वाल हिमालय की पुरातात्त्विक विरासत, सीमावर्ती क्षेत्रों के पुरातत्व, मध्यकालीन दुर्गों, पारंपरिक वास्तुकला और जीआईएस आधारित सांस्कृतिक धरोहर प्रलेखन पर कार्य कर रहे हैं। संवाद