पौड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीआईसी केवर्स में अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से स्कूली छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग व हीमोग्लोबिन की जांच की गई।बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. रमेश कुंवर ने कहा कि प्रति वर्ष सर्पदंश के बढ़ते केसों के कारण इस ओर जागरूकता की जरूरत है। कहा कि यदि सांप काटे तो बिल्कुल भी डरना या घबराना नहीं चाहिए। कहा, सांप के काटने पर यदि समय से उपचार मिल जाए तो व्यक्ति को आसानी से बचाया जा सकता है। बताया कि सांप काटने वाली जगह पर दो घाव के निशान के अलावा हाथ पैर सुन्न होना, काटने की जगह पर तेज दर्द, उल्टी आना, सांस लेने में परेशानी, काटने की जगह पर लाली, बहुत पसीना आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। जिसमें घाव को बर्फ या पानी से नहीं धोना चाहिए व दबाव बनाकर खून को रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बताया अप्रैल से अभी तक जनपद में सर्पदंश के 30 केस आ चुके हैं। वन विभाग से वन दरोगा करिश्मा ने कहा कि सभी सांप की प्रजाति में 85 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते, अपने घरों के आसपास सफाई रखें ईंट-पत्थर लकड़ी के ढेर न रखें, चूहे के बिलों को बंद कर दें। उन्होंने बताया कि सांप को मारना भी कानूनी अपराध है, इसलिए कभी भी सांप दिखे तो वन विभाग की टीम को सूचित करें। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य किशोर रौतेला, डॉ. आशीष गुसाईं, डॉ. शशांक उनियाल, डॉ. पंकज जुयाल, श्वेता गुसाईं, एएनएम नीलम, शकुंतला नेगी, वन दरोगा राकेश रावत और वन बीट अधिकारी पंकज नेगी आदि मौजूद रहे।