श्रीनगर। राजकीय मेडिकल काॅलेज श्रीनगर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जनपद में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सकों व नर्सिंग अधिकारियों को एक दिवसीय इंजक्टेबल, इंजेक्शन अंतरा का प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षक प्रो. डाॅ. नवज्योति बोरा ने प्रतिभागियों को अंतरा इंजेक्शन को प्रयोग में लाने की विधि, लाभार्थियों की कांउसलिंग, इंजेक्शन के प्रभाव व सावधानियों के बारे में जानकारी दी। कहा इसे लगाने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। डाॅ. बोरा ने बताया कि परिवार नियोजन साधनों में यह अंतरा इंजेक्शन पूरी तरह सुरक्षित व असरदार है, जो महिलाएं गर्भनिरोधक के अन्य साधनों का प्रयोग नही कर रही है वे इस विधि का प्रयोग कर सकती हैं।
महिलाएं अनचाहे गर्भधारण से बचने के लिए हर तीन महीने में इस कन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का प्रयोग कर सकती हैं इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। लंबे समय तक अनचाहे गर्भ से बचाव के लिए इसे हर तीन महीने में लगवाना आवश्यक है, यह लगवाने के तुरंत बाद प्रभावी हो जाता है। बच्चा होने के बाद यदि महिला तुरंत गर्भवती नही होना चाहती तो प्रसव के डेढ माह बाद व माहवारी के दिनों में 1 से 7 दिन के बीच अंतरा लगाया जा सकता है प्रसव के बाद भी अंतरा लगवाने से मां के दूध व बच्चे पर कोई भी प्रभाव नही पड़ता।
प्रशिक्षण में ब्लाॅक स्तर से आए चिकित्सा अधिकारी और नर्सिग अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान परिवार नियोजन परामर्शदाता विजय लक्ष्मी, आईईसी समन्वयक शकुंतला नेगी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. निवेदिता, डॉ. चर्चिल चौहान, डाॅ. गौतम कुमार, नर्सिंग अधिकारी सोनिया, स्मिता बिष्ट, विनीता शर्मा आदि मौजूद रहे।