पौड़ी। कलक्ट्रेट परिसर के सामने देवदार के वृक्ष को बचाने के लिए अधिवक्ता आगे आए हैं। उनका कहना है कि वृक्ष पर आरी चलाने से पहले उनपर आरी चलानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो वे चिपको आंदोलन चलाएंगे।
अधिवक्ताओं ने कहा कि डीएम ने वर्षों पुराने पेड़ को अनायास ही खतरा बताया है जबकि अधिवक्ता संघ ने पेड़ से किसी को भी खतरा या जानमाल के नुकसान से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि डीएम ने पेड़ को काट कर उसकी नीलामी करने के निर्देश दिए हैं जबकि जिलाधिकारी का कहना है कि पेड़ के नीचे चाय की दुकान और स्टांप विक्रेताओं के बस्ते हैं जिनपर पेड़ गिरने का खतरा है। दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि कलक्ट्रेट की नई इमारत का गेट इस पेड़ के पास ही बनाया जाना है इसलिए हरे पेड़ की बलि दी जा रही है। जिला अधिवक्ता संघ ने डीएम को ज्ञापन देकर कलक्ट्रेट परिसर के सामने के देवदार के वृक्ष को न कटवाए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में उन्होंने कहा कि डीएम अनावश्यक ही हरे-भरे वृक्ष को कटवाना चाहते हैं जबकि इस वृक्ष के नीचे कई अधिवक्ताओं समेत स्टांप विक्रेता व अन्य लोगों का व्यवसाय चलता है। आम राहगीर भी बाजार के कार्यों से थककर इस पेड़ के नीचे चैन की सांस लेते हैं। कहा कि वर्षों पुराना यह वृक्ष न तो सूखा है और न ही इसके गिरने का भय है। उन्होंने डीएम से वृक्ष न काटे जाने की मांग की है। पेड़ काटे जाने पर अधिवक्ता संघ ने चिपको आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा कि पेड़ को किसी भी दशा में कटने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रदीप भट्ट, उपाध्यक्ष सुभाष रतूड़ी, आशीष जदली, गब्बर सिंह आदि मौजूद थे।