पौड़ी सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत की ओर से दिए गए किरायेदार के बेदखली के आदेश को जिला जज पौड़ी की अदालत ने निरस्त कर दिया है। श्रीनगर के काला रोड स्थित ग्राम कोठड़ निवासी गोविंद सिंह धनाई का एक भवन था। उन्होंने भवन में बनी एक दुकान को वर्ष 1964 में किराये पर गोविंद स्वरूप भटनागर को दी थी।
गोविंद स्वरूप की मौत के बाद वर्ष 2017 में उनकी पत्नी प्रेमा भटनागर का भी निधन हो गया। इसके बाद बेटा अश्वनी भटनागर दुकान चलाता रहा। कुछ समय बाद गोविंद सिंह धनाई के बेटे त्रिलोक सिंह सहित चार भाईयों ने चार माह तक किराया नहीं दिए जाने व परिवार की आवश्यकता के कारण दुकान खाली करने की अपील की।
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दुकान खाली नहीं करने पर त्रिलोक सहित चारों भाइयों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत में वाद दाखिल किया था। श्रीनगर की अदालत ने 31 अगस्त 2019 को किरायेदार की बेदखली का आदेश जारी किया था। इसके बाद अश्वनी ने जिला जज पौड़ी की अदालत में चुनौती दी थी। जिला जज अजय चौधरी की अदालत ने सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत के किरायेदार की बेदखली के फैसले को निरस्त कर दिया।