ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का मलबा अलकनंदा नदी में गिराना ठेकेदारों को भारी पड़ गया। वन विभाग ने मानकों के विपरीत मलबा डंप करने पर चार ठेकेदारों से 21 लाख 88 हजार 814 रुपयों की वसूली की है। ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट में लगा जुर्माना अब तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
मौजूदा समय में बदरीनाथ हाईवे का विभिन्न स्थानों में चौड़ीकरण काम चल रहा है। हिल कटिंग से निकले मलबे को डंप करने के लिए पीडब्लूडी ने डंपिंग जोन चयनित किए हैं, लेकिन ठेकेदार यहां कटिंग के मलबे को खाई में उड़ेल देते हैं। जो सीधे नदी में जाता है। मलबा निस्तारण की उचित व्यवस्था न होने पर पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी ने भी नाराजगी जताई थी। नरेंद्रनगर वन प्रभाग के माणिकनाथ रेंज ने व्यासी से मलेथा तक राजमार्ग के मलबे का ढंग से निस्तारण न करने पर सख्त कार्रवाई की है। रेंजर देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि चार कार्यदायी संस्थाओं ने अवैध मलबा निस्तारण किया है, जिस कारण उन पर लगभग 26.67 लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें से कार्यदायी संस्थाओं ने 21.88 लाख रुपये जमा कर दिए हैं।
- इन ठेकेदारों से की गई है वसूली
1- सीडीएस प्राइवेट लिमिटेड- इस संस्था से 11 लाख 85 हजार 786 रुपये से जुर्माना वसूला गया है। संस्था पर आरक्षित वन क्षेत्र के डंपिंग जोन मेें स्वीकृत माप से अधिक मलबा डालने और सड़क के बाहर अवैध रुप से मलबा डालने के आरोप हैं।
2- राजश्यामा कंस्ट्रक्शन- संस्था से अवैध रुप से आरक्षित वन क्षेत्र में मलबा जमा करने और अवैध मलबा निस्तारण के आरोप में 6 लाख 39 हजार 623 रुपये की वसूली की गई है।
3-सैनिक इंटरप्राइजेज- एक लाख 13 हजार 405 रुपये की वसूली संस्था से की गई है। संस्था पर सड़क के मलबे को आरक्षित वन क्षेत्र में फेंकने का आरोप है।
4- रणजीत सिंह- ठेकेदार से सड़क के बाहर अवैध रुप से मलबा डालने के आरोप में ढाई लाख रुपये जुर्माना लिया गया।