पौड़ी। बूंखाल कालिंका माता मंदिर में शनिवार को आस्था के पथ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंजता रहा। यहां जनसहभागिता से आगामी डेढ़ साल में भव्य बूंखाल कालिंका माता का मंदिर तैयार होगा। मंदिर निर्माण के लिए पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने पीठ की ओर से 51 लाख दान स्वरूप दिए। क्षेत्र के ग्रामीण शेर सिंह चौहान ने 8 मुट्ठी भूमि दान दी है।
शनिवार को प्रसिद्ध बूंखाल मेला मां कालिंका के ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन से शुरू हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने किया। उन्होंने भव्य बूंखाल मंदिर निर्माण को भूमि पूजन किया। मुख्य पुजारी रमेश गोदियाल ने पूजा संपन्न कराई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि, पावन-पवित्र भूमि है। इस भूमि से ही दुनिया को योग, आयुर्वेद व आध्यात्म की ऊर्जा मिल रही है। कहा, पतंजलि पहाड़ के विकास के प्रति संवेदनशील है। उत्तराखंड में रोजगार प्रदान करने में योगपीठ का योगदान 8 फीसदी है। प्रदेश के शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि बूंखाल मेला हमारी आस्था व आध्यात्मिकता के साथ सांस्कृतिक विरासत है। डाॅ. रावत ने कहा कि मंदिर के बाद बूंखाल में धर्मशाला व पुजारी आवास भी तैयार किए जाएंगे। इस दौरान क्षेत्र के अनेक गांवों से देव डोलियां आईं। हंस फाउंडेशन, पैनसिया अस्पताल व मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के डाक्टरों की टीमों ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा दी। बूंखाल चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो आरएस नेगी ने मेले के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान करने के लिए सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन सतेंद्र रावत ने किया। इस अवसर पर एसडीएम सदर पौड़ी दीपक रामचंद्र सेठ, भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री महिला मोर्चा दीप्ति रावत भारद्वाज, पूर्व प्रमुख द्वारीखाल महेंद्र राणा, पूर्व प्रमुख कल्जीखाल बीना राणा, पूर्व अध्यक्ष राज्य सहकारी संघ मातबर सिंह रावत, पूर्व डीसीबी अध्यक्ष नरेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
हेमा की प्रस्तुति पर थिरके दर्शक
मेले में लोक गायिका हेमा नेगी करासी की प्रस्तुति पर दर्शक दिनभर थिरके। हेमा ने बदरीविशाल की स्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने नंदा देवी, नरसिंह जागर, बूंखाल कालिंका गीत की प्रस्तुति की।
पटरी से उतरी रही यातायात व्यवस्था
मेले में यातायात व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आई। इस दौरान पैठाणी-बूंखाल हो या अन्य मोटर मार्ग सभी पर लंबा जाम लगा रहा। पुलिस टीम भी पर्याप्त मात्रा में तैनात नहीं थी। लोगों को तीन से पांच किमी पैदल जाने का मजबूर होना पड़ा।
मोबाइल कनेक्टीविटी रही ध्वस्त
मेला क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टीविटी व इंटरनेट सेवा पूरी तरह ध्वस्त रही। किसी भी संचार सेवा की कनेक्टीविटी भी अच्छे से काम नहीं कर पा रही थी। जिससे लोगों को आवश्यकता पड़ने पर भी सेवा का लाभ नहीं मिला।