चाकीसैण तहसील के नलई गांव में एक महिला ने गृह क्लेश के चलते विषाक्त पदार्थ खा लिया। महिला की पाबौ से पौड़ी लाते समय रास्ते में मौत हो गई।
बताया जा रहा है विषाक्त पदार्थ खाने के बाद उसे सीएचसी पाबौ में भर्ती कराया गया था जहां उसकी हालत ठीक बताकर उसे घर भेज दिया गया था, लेकिन घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसकी हालत फिर बिगड़ गई। इस बार पाबौ अस्पताल से रेफर किए जाने पर उसे पौड़ी ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
चाकीसैण तहसील के प्रभारी तहसीलदार मोहन लाल शाह ने बताया कि नलई गांव निवासी 23 वर्षीय अनीता देवी पत्नी गिरीश चंद्र ने बृहस्पतिवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया।
घटना के तुरंत बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया, लेकिन घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही महिला की हालत फिर खराब हो गई। परिजन उसे शुक्रवार की सुबह फिर पाबौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसे सीएचसी पाबौ से जिला अस्पताल पौड़ी रेफर कर दिया गया। पाबौ से पौड़ी लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
प्रभारी तहसीलदार के मुताबिक विषाक्त पदार्थ खाने का मुख्य कारण गृह क्लेश बताया जा रहा है। मृतका का पति देहरादून में नौकरी करता है और उसके दो बेटे (बड़ा बेटा ढाई साल और छोटा दो महीने का) है।
मृतका का विवाह तीन साल पहले ही हुआ था। इस बीच सीएमओ मनीष अग्रवाल ने कहा कि विषाक्त पदार्थ खाने वाले मामलों में मरीज को जल्दी घर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।
बृहस्पतिवार की रात महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ से किन परिस्थतियों में घर ले जाने की अनुमति दी गई, इसकी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।