पौड़ी। लोक निर्माण विभाग का जेई बताकर चमोली और पौड़ी जिले में लोगों से ठगी के आरोपी धीरेंद्र सिंह रावत को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से लोनिवि चमोली के नाम बनाए गए डेढ़ करोड़ के फर्जी बिल, चेक बुक, लोनिवि चमोली डिविजन के टेंडर एवं कुछ अन्य फर्जी कागजात बरामद हुए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपी धीरेंद्र सिंह रावत निवासी खिडूडी पोस्ट भीमतल्ला जिला चमोली खुद को लोनिवि में जेई बताकर ठगी कर रहा था। आरोपी ने पौड़ी में कृष्णा आटो पार्ट्स पहुंचकर पल्सर मोटरसाइकिल खरीदने की बात की। उसने बताया कि वह जेई है और मोटरसाइकिल का पूरा भुगतान कर देगा। वह टेस्ट ड्राइव के नाम पर मोटर साइकिल लेकर फरार हो गया। शिकायत मिलने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की गई। कोतवाली निरीक्षक मनोज रतूड़ी ने कहा कि बुधवार सुबह आरोपी को ठगी की मोटरसाइकिल के साथ श्रीनगर रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से करोड़ों रुपये के फर्जी बिल बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने चमोली और पौड़ी में कई लोगों से ठगी की है। पुलिस मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मान रही है।
इधर, व्यापार संघ पौड़ी की ओर से पुलिस टीम को इस सफलता पर पांच हजार रुपये का इनाम दिया गया। व्यापार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इनामी राशि का ड्राफ्ट सौंपा। पुलिस टीम में कोतवाली निरीक्षक मनोज रतूड़ी, उप निरीक्षक मुकेश गौरोला, उप निरीक्षक अजय कुमार, कास्टेबल सुरेंद्र व विपुल खंडूरी शामिल रहे।
लोगों को आसानी से ले लेता था विश्वास में
पुलिस ने बताया कि आरोपी लोगों को लोनिवि का जेई बताकर बड़ी आसानी से विश्वास में ले लेता था और फिर उनके साथ ठगी करता था। उसने कुछ को टेंडर दिलाने तो कुछ को सीमेंट दिलाने, पुल निर्माण का ठेगा दिलाने आदि के नाम पर ठगी की है।