श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हाईकोर्ट में कहा है कि राज्य में कोई भी नेकां नेता हिरासत में नहीं है। वे उनकी सुरक्षा के लिहाज से कुछ सावधानियों के साथ कहीं भी आने-जाने को स्वतंत्र हैं। यह जानकारी प्रशासन ने नेशनल कांफ्रेंस के पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला व उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की ओर से दाखिल कई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जवाब में दी है। इन दोनों ने याचिका दाखिल कर पार्टी के 16 नेताओं को रिहा करने की मांग की थी।
जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में याचिकाओं पर जवाब दाखिल करते हुए वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता बशीर अहमद डार ने कहा कि यह न केवल हैरान करने वाली, बल्कि स्तब्ध करने वाली बात भी है क्योंकि ना तो कोई कानूनी कार्यवाही की गई और ना ही किसी तरह का विचार चल रहा है। आईजी कश्मीर रेंज द्वारा सत्यापित ऐसे ही अन्य जवाब में कहा गया कि पिछले साल अगस्त में किए गए संविधान संशोधनों के मद्देनजर आशंका थी कि कुछ द्वेष रखने वाले तत्व शांति को बाधित कर सकते हैं और नेता उन्हें अशांति बढ़ाने के लिए उकसा सकते हैं। इसमें कहा गया कि हालांकि किसी भी नेता के खिलाफ किसी कानून के तहत हिरासत का कोई आदेश जारी नहीं किया गया। वे सुरक्षा के लिहाज से उचित सावधानियां बरतते हुए घूमने-फि रने को स्वतंत्र थे। जवाब में कहा गया कि एक विशेष श्रेणी में होने के कारण याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों को सूचित किए बिना किसी संवेदनशील स्थान पर नहीं जाने की सलाह दी गई थी। इसका कारण उचित सुरक्षा सुनिश्चित करना था। गृह विभाग ने जवाब में कहा था कि जिनकी रिहाई के लिए याचिका दाखिला की गई है वे सुरक्षा प्राप्त हैं। प्रशासन का यह दायित्व है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मिले इनपुट तथा संपूर्ण सुरक्षा हालात के मद्देनजर यह सलाह दी गई है कि सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। साथ ही वे अकारण घर से बाहर न निकलें। ज्ञात हो कि फारूक व उमर ने 13 जुलाई को अपनी पार्टी के 16 नेताओं के लिए 16 याचिकाएं दाखिल की थीं और दलील दी कि उन्हें संविधान में प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकार का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन करते हुए हिरासत में रखा गया है।
इनकी रिहाई के लिए याचिका
याचिका में कहा गया है कि पार्टी के महासचिव अली मोहम्मद सागर, संभागीय प्रधान नसीर असलम वानी, अगा सैय्यद महमूद, अगा सैय्यद रुहल्लाह मेहदी, अब्दुल रहीम राथर, मोहम्मद खलील बंद, इरफान शाह, शमीमा फिरदौस, मोहम्मद शफी उड़ी, चौधरी मोहम्मद रमजान, मुबारक गुल, डा. बशीर वीरी, अब्दुल मजीद लारमी, बशारत बुखारी, सैफुद्दीन भट व मोहम्मद शफी को हिरासत में रखा गया है। फारूक ने सात जबकि उमर ने नौ नेताओं की रिहाई के लिए याचिका दाखिल की है।