जम्मू। जेएंडके उच्च न्यायालय की खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति संजय धर ने प्रदेश के पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों द्वारा बंगलों और कोठियों को खाली न करने पर चार सप्ताह के अंदर संपदा विभाग को रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान एडवोकेट एसएस अहमद ने तर्क दिया कि जून 2018 में भाजपा-पीडीपी सरकार के गिर जाने के बावजूद पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों ने बंगले जिसमें ए-टाइप कोठियों को खाली नहीं किया है। संपदा विभाग बंगले खाली करवाने में असफल रहा है। अधिवक्ता एसएस अहमद ने कहा कि संपदा विभाग केवल इस कारण से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहा, क्योंकि बंगले में रहने वाले ऐसी पार्टी के नेेता हैं, जिनकी केंद्र में सरकार है। सुनवाई के बाद जम्मू-कश्मीर आतिथ्य और प्रोटोकॉल विभाग के सचिव को नोटिस जारी किया गया। संपदा विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक, उप निदेशक को नोटिस जारी किया गया है। अब चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट अदालत में जमा करवानी होगी।