पौड़ी। आंदोलनरत होने के बावजूद भी निविदाएं निकाले जाने से ठेकेदारों का गुस्सा बरकरार है। शनिवार को मुख्यालय के वन व ग्रामीण निर्माण विभाग निविदा की सूचना मिलने पर ठेकेदार इन दोनों दफ्तरों में धमक उठे। आक्रोशित ठेकेदारों ने यहां न सिर्फ प्रदर्शन किया, बल्कि निविदा में शामिल होने आए दूसरे ठेकेदारों को बाहर का रास्ता दिखाया। जिस पर दोनों ही विभागों को निविदाएं रद्द करनी पड़ी।
हिमालयन संविदाकार ठेकेदार समिति पौड़ी अब विभिन्न विभागों में निविदाएं आमंत्रित करने को लेकर आक्रोशित हो गई है। समिति से जुड़े ठेकेदारों ने शनिवार को वन व ग्रामीण निर्माण विभाग में निविदाएं निकाले जाने का विरोध किया। अध्यक्ष संतन सिंह नेगी की अगुवाई में आक्रोशित ठेकेदार वन व ग्रामीण निर्माण विभाग पहुंचे। कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग में दो ई-टेंडरिंग व वन विभाग में एक भौतिक निविदा आमंत्रित की गई थी। ठेकेदारों ने दोनों ही विभागों में नारेबाजी कर निविदाएं रद्द करवाई। साथ ही निविदा लेने पहुंचे ठेकेदारों को बाहर का रास्ता दिखाया। कहा कि समिति पिछले दो महीने से प्रदेशव्यापी आंदोलन पर हैं। जबकि विभाग अपने चहेते ठेकेदारों को अंदरखाने निविदाएं आवंटित कर रहा है। उन्होंने विभागों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने आरोप लगाया। इस मौके पर सचिव प्रदीप असवाल, उपेंद्र भट्ट, कुशाल सिंह, हरीश चंद्रा, आशीष थपलियाल, राहुल चंदोला, प्रदीप बुटोला, विनोद नेगी और जयकृत सिंह आदि शामिल रहे।