फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pauri News: आठ माह बाद भी नहीं शुरू हुआ रामलीला मंच परियोजना का निर्माण

Fri, 24 Jul 2026 05:35 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री गत वर्ष नवंबर माह में कर चुके हैं निर्माण कार्यों का शिलान्यास
विज्ञापन

श्रीनगर। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1.71 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रामलीला मंच व सौंदर्यीकरण योजना का शिलान्यास हुए आठ माह बीत चुके हैं लेकिन पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि कुल लागत के बदले खनिज न्यास से केवल करीब 70 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं जबकि विभाग को अब तक लगभग 20 लाख रुपए ही प्राप्त हुए हैं। इतनी राशि में निर्माण शुरू करना संभव नहीं है और कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते स्वीकृत धनराशि वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। गत वर्ष 11 नवंबर 2025 को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके बावजूद आज तक मैदान में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से आदर्श रामलीला समिति और शहरवासियों में नाराजगी है। समिति अध्यक्ष देवेंद्रमणि मिश्रा ने बताया कि वर्षों से स्थायी मंच की मांग की जा रही थी। मंत्री की पहल पर योजना स्वीकृत हुई, लेकिन विभागों के बीच समन्वय के अभाव में काम शुरू नहीं हो पाया। समिति ने कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे, फोन किए और मुलाकात भी की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत भूतल पर सात दुकानें, प्रथम तल पर बहुउद्देशीय हॉल तथा सबसे ऊपर आरसीसी का स्थायी मंच बनाया जाना है। आठ माह बाद भी काम शुरू न होने से लोगों में निराशा है। रामलीला समिति ने शासन और प्रशासन से जल्द पर्याप्त बजट उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

-
इनका कहना है-
कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम, पौड़ी के परियोजना प्रबंधक विरेंद्र भट्ट ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 1 करोड़ 71 लाख 50 हजार रुपए है, जबकि खनिज न्यास से करीब 70 लाख रुपये ही स्वीकृत हुए हैं। इसमें से लगभग 20 लाख रुपए विभाग को मिल चुके हैं। उनका कहना है कि इतनी राशि में निर्माण शुरू करना संभव नहीं है। कुछ तकनीकी दिक्कतें भी हैं, इसलिए विभाग स्वीकृत धनराशि वापस करने की प्रक्रिया कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला खनन अधिकारी अनिल मुयाल ने कहा कि यदि स्वीकृत धनराशि में काम शुरू नहीं हो सकता था तो विभाग को पहले ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। अब राशि वापस करने की बात उचित नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें