ौड़ी में निर्माणाधीन जिलाधिकारी कार्यालय भवन।
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मुख्यालय स्थित जेल बगीचे में निर्माणाधीन जिलाधिकारी कार्यालय भवन बिना नक्शे के ही बन रहा है। भवन लगभग बनकर तैयार हो चुका है। वहीं तीन मंजिला भवन का नक्शा नहीं होने पर जिला विकास प्राधिकरण भवन का चालान काट चुका है।
मुख्यालय स्थित जेल बगीचे में वर्ष 2013 को जिलाधिकारी कार्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन भवन के निर्माण कार्य से पहले तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रेश यादव व पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम के बीच खूब तनातनी देखने को मिली थी। यादव जेल बगीचे में भवन निर्माण कराना चाहते थे। लेकिन पालिकाध्यक्ष बेनाम ने भवन को अन्यत्र बनाए जाने को लेकर आंदोलन छेड़ दिया था। मामले में उच्च न्यायालय से आदेश मिलने पर भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2015 में बजट समाप्त होने के बाद से भवन का निर्माण कार्य लटक गया। पांच वर्ष बाद अब भवन का शेष निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मातंग मलासी ने बताया कि जिले वासियों को जिलाधिकारी कार्यालय भवन के निर्माण कार्य का सात वर्षों से पूर्ण होने का इंतजार है। लेकिन भवन का निर्माण बिना नक्शे के ही हो रहा है, जो स्वयं में जिला प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है। कहा कि प्रशासन व प्राधिकरण एक ओर लोगों को बिना नक्शा पास भवन निर्माण नहीं करने दे रहा है। लगातार भवनों का चालान, सील किए जाने व ध्वस्तीकरण के आदेश हो रहे हैं। लेकिन जिलाधिकारी कार्यालय भवन के निर्माण को बिना नक्शे के ही बनने दिया जा रहा है। जिला विकास प्राधिकरण के सचिव व एडीएम पौड़ी डा. एसके बरनवाल ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय भवन निर्माण बिना नक्शे के हो रहा है। जिसको लेकर भवन का चालान काटा गया है। उन्होंने बताया कि मामले में भवन का नक्शा सहित बिजली, पानी, अग्निशमन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।