पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए शासन स्तर पर जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री व तकनीकी शिक्षा मंत्री से विचार-विमर्श कर जल्द ही निदेशक की तैनाती पर निर्णय लिया जाएगा। संस्थान में नवनियुक्त निदेशक ने पद से त्यागपत्र दे दिया है। कुलसचिव का पद भी प्रभारी के हवाले है। खास बात यह है कि इन दिनों निदेशक के साथ ही कुलसचिव का प्रभारी एक ही व्यक्ति संभाल रहा है।
जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में बीते चार अक्तूबर को निदेशक पद पर प्रो. आकाश सक्सेना की तैनाती की गई थी। निदेशक की जिम्मेदारी मिलने के बाद बीते नौ अक्तूबर को प्रो. सक्सेना ने घुड़दौड़ी पहुंच पदभार संभाला था। लेकिन अब उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद प्रभारी कुलसचिव डाॅ. एमके अग्रवाल को ही निदेशक का प्रभार दिया गया है। संस्थान को वर्ष 2018 में नियमित निदेशक के त्यागपत्र के बाद छह साल बाद नियमित निदेशक मिला था।
जबकि वर्ष 2022 से कुलसचिव का पद भी रिक्त ही चल रहा है। निदेशक के इस्तीफे को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ 19 अक्तूबर के अंक में ''''जीबी पंत संस्थान घुड़दौड़ी के निदेशक ने पद से दिया इस्तीफा'''' शीर्षक से प्रकाशित किया। तकनीकी शिक्षा सचिव व संस्थान की बीओजी के उपाध्यक्ष रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी प्रदेश का अव्वल तकनीकी संस्थान है। लेकिन यहां प्रशासनिक ढांचे को मजबृूत किए जाने के लिए जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा।
कहा, संस्थान में शैक्षणिक वातावरण, शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्रों से फीडबैक लेने के साथ बारीकी से प्रत्येक व्यवस्था का जायजा लिया गया है। मुख्यमंत्री व तकनीकी शिक्षा मंत्री के सामने स्पष्ट स्थिति रखी जाएगी। सिन्हा ने कहा कि संस्थान में निदेशक, कुलसचिव सहित अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए जल्द निर्णय लिया जाएगा।