नगर निगम क्षेत्र श्रीनगर को जल्द ही महाविद्यालय की सौगात मिलने वाली है। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि जीआईसी श्रीनगर की खाली पड़ी 30 नाली भूमि पर जल्द ही राजकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंत्री ने कहा कि जनपद में विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, पालिकाध्यक्ष, डीएम, सीडीओ सहित चुनिंदा अधिकारी विद्यालयों को गोद लेंगे।
जिलाधिकारी सभागार में उच्च शिक्षा, शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में विद्यालयों के क्षतिग्रस्त भवनों, चहारदीवारी सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 72 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कहा कि सभी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती करने, बहुत बीमार या दिव्यांग शिक्षकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। कहा अधिकारी उन भोजन माताओं की सूची भी तैयार करें, जिनके बच्चे उसी विद्यालय में नहीं पढ़ रहे हैं। पांच सितंबर को स्थानीय स्तर पर भी बेहतर सेवाएं देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने अस्पतालों में स्टाफ अथवा अन्य संसाधनों की कमी को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस मौके पर डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. भारती राणा, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर बिष्ट, सीडीओ अपूर्वा पांडे, एडीएम ईला गिरी, डीडीओ पुष्पेंद्र सिंह चौहान, सीईओ डा. आनंद भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
दूर से आवागमन करने वाले शिक्षकों की बनाए सूची
शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि दूर से आवागमन करने वाले शिक्षकों की सूची तैयारी की जाए। दूर से आने वाले शिक्षक शिक्षा के प्रति लापरवाह हैं। साथ ही विभागीय सेवा नियमावली का उल्लंघन भी कर रहे हैं। कहा कि शिक्षकों की सूची मिलने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की अनिवार्य बायोमीट्रिक उपस्थिति लिए जाने के निर्देश दिए।