रविवार सुबह ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी के पास बंद हुए मार्ग को खोलती मशीन
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ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर मलबा आने से दूसरे दिन भी दिनभर बंद होता रहा। ऐसे में यात्रियों को भी समस्या से जूझना पड़ा जबकि क्षेत्र में समाचार पत्र, दूध, सब्जी व अन्य आवश्यक सामग्री काफी देर से पहुंची।
क्षेत्र में दो दिनों से हो रही बारिश से श्रीनगर के पास फरासू, खांकरा में मोटर मार्ग पर भारी मलबा गिर गया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। जबकि अन्य स्थानों पर भी मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही बाधित होती रही। वहीं दूसरी ओर तोता घाटी, साकनीधार, तीनधारा के पास भी मार्ग पर चट्टानें गिरने से मार्ग अवरुद्ध रहा। जोकि रविवार सुबह नौ बजे खुल पाया। अभी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के कई स्थानों पर मलबा आने का सिलसिला जारी है। देवप्रयाग थाना प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि रात को राजमार्ग पर पत्थर गिरने की आशंका से वाहनों को पहले ही रोक दिया गया था। रात हुई बारिश से कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हो गया था। इस दौरान कई वाहनों को वैकल्पिक मार्ग गजा चाका से अपने गंतव्य की ओर भेजा गया। संवाद
बारिश से सड़कों के गड्ढों में भरा पानी
श्रीनगर। कीर्तिनगर ब्लॉक के बड़ियारगढ़-सिल्काखाल मोटर मार्ग पर पानी की निकासी न होने से कई स्थानों पर गड्ढे तालाब में तब्दील हो गए हैं। रानीहाट और देवली सहित कई स्थानों पर पानी जमा होने से राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग चोटिल भी हुए हैं। संवाद
अलकनंदा के टापू में फंसे व्यक्ति को बचाया
श्रीनगर। पीएसी की आपदा राहत टीम (जल पुलिस) और एसडीआरएफ की टीम ने श्रीकोट में अलकनंदा नदी के टापू में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव दल को उसे बचाने के लिए राफ्ट का सहारा लेना पड़ा।
रविवार सुबह नगर पालिका सभासद संजय कुमार ने चौकी इंचार्ज श्रीकोट महेश रावत को अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ने से एक व्यक्ति टापू पर फंसने की सूचना दी। टापू में फंसे व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता न मिलने पर पुलिस ने पीएसी और एसडीआरएफ को मौके पर बुलवाया। बचाव दल रॉफ्ट में बैठकर उक्त व्यक्ति तक पहुंचा। वहीं कुछ स्थानीय युवक भी पानी में तैरकर टापू में पहुंच गए। टापू से उक्त व्यक्ति को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। रावत ने बताया कि टापू से बचाए गए व्यक्ति की मानसिक हालात ठीक नहीं है। एक पांव खराब होने की वजह से उसे चलने में भी दिक्कत होती है। वह कई बार नदी की ओर चला जाता है, लेकिन रविवार सुबह अचानक जलस्तर बढ़ने से वह निकल नहीं पाया। जिसे जल पुलिस और एसडीआरएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर निकाल लिया। ब्यूरो