देवप्रयाग। गढ़वाल के ऐतिहासिक बावन गढ़ों में सम्मिलित भरपूर गढ़ की अधिष्ठात्री देवी मां चामुंडा (चमराड़ा देवी) का नवनिर्मित मंदिर अब श्रद्धालुओं के लिए तैयार हो गया है। मुन्नाखाल के समीप चामुंडांचल चोटी पर स्थित इस प्राचीन शक्तिपीठ में हाल ही में मां चामुंडा की संगमरमर से निर्मित मूर्ति को प्राण-प्रतिष्ठा के साथ स्थापित किया गया। लगभग 51 लाख रुपये की लागत से बने इस भव्य मंदिर की कुल ऊंचाई 61 फीट है। मंदिर निर्माण की यह पूरी धनराशि और संसाधन मंदिर समिति को दानदाताओं और क्षेत्रवासियों के सहयोग से प्राप्त हुए हैं। उल्लेखनीय है कि भूगर्भीय सर्वेक्षण में इस स्थान पर तांबे के भंडार होने की संभावना भी जताई जा चुकी है। मंदिर समिति के अध्यक्ष शरत सिंह तडियाल, उपाध्यक्ष घमंड सिंह जेठूरी, सचिव महेंद्र सिंह गोसाई और कोषाध्यक्ष रमेश सिंह गोसाई ने इस सफल निर्माण के लिए सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त किया है।