पौड़ी। जनपद के एक अशासकीय विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य पर फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति पाने का आरोप है। उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित राज्य स्तरीय जाति स्क्रूटनी समिति नवंबर 2024 को प्रभारी प्रधानाचार्य के ओबीसी प्रमाणपत्र को निरस्त कर चुकी है। वहीं विभागीय अफसरों के मुताबिक अशासकीय विद्यालय का प्रकरण होने के चलते विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुरूप अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं शिकायतकर्ता ने इस संबंध में डीएम व सीईओ को ज्ञापन देकर प्रभारी प्रधानाचार्य की नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई है।ज्ञापन में शिकायतकर्ता व कल्जीखाल ब्लॉक के पयासू गांव निवासी राजेश सिंह राजा कोली ने बताया कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटागढ़ में प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर सेवारत अध्यापिका की नियुक्ति वर्ष 2006 में सहायक अध्यापिका के पद पर हुई थी। ओबीसी आरक्षित पद पर उन्हें नियुक्ति उनके ओबीसी प्रमाणपत्र के आधार पर मिली।
बताया कि उनका पौड़ी जिले में मायका है और वह सामान्य जाति की हैं। जबकि उनका विवाह जिला व तहसील क्षेत्र चमोली में हुआ, जहां वह ओबीसी आरक्षित हैं। जिसके चलते उन्होंने ससुराल पक्ष से ओबीसी प्रमाणपत्र बनाया। इसी आधार पर उन्हें पौड़ी के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटागढ़ में नियुक्ति मिली।
कहा कि जाति जन्म से तय होती है। उन्होंने मायके पक्ष से सामान्य जाति की होने के बावजूद ससुराल पक्ष से फर्जी तरीके से ओबीसी प्रमाण पत्र बनाया। प्रकरण की शिकायत उच्च अधिकारियों से किए जाने पर प्रभारी प्रधानाचार्य उच्च न्यायालय की शरण में गई। जिसके बाद प्रबंधक ने उक्त के खिलाफ याचिका दाखिल की। अदालत ने राज्य स्तरीय जाति स्क्रूटनी समिति को जांच के निर्देश दिए। आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता वाली इस समिति ने बीते नवंबर माह में बैठक आयोजित कर उक्त प्रभारी प्रधानाचार्य का ओबीसी प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। प्रकरण में शिकायतकर्ता ने प्रभारी प्रधानाचार्य की नियुक्ति रद्द किए जाने, सेवाकाल में दिए गए वेतन की वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई अमल में लाए जाने की मांग की है।
राज्य स्तरीय जाति स्क्रूटनी समिति द्वारा संबंधित प्रभारी प्रधानाचार्य के ओबीसी प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने का एक शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। अशासकीय विद्यालय से संबंधित होने के चलते प्रकरण स्कूल की प्रबंध समिति को भेजा जाएगा। समिति की कार्रवाई के अनुरूप विभाग द्वारा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -रणजीत सिंह नेगी, प्रभारी सीईओ पौड़ी।