देवप्रयाग/श्रीनगर। सोशल साइट पर धर्म विशेष के खिलाफ आपत्ति जनक पोस्ट शेयर करने पर पुलिस ने महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल सिंह रावत ने बताया कि विकासखंड की एक महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य ने सोशल साइट पर धर्म विशेष के लोगों से कोरोना फैलने की संभावना देखते हुए दूसरे धर्म के लोगों से उनसे दूर रहने का आपत्तिजनक संदेश दिया है। प्रशासन द्वारा इसका संज्ञान लेते हुए महिला क्षेत्रपंचायत सदस्य के खिलाफ कार्यवाही कर मामला दर्ज कराया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि तहसीलदार देवप्रयाग एसएस कठैत द्वारा महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर से श्रीनगर में कोरोना महामारी के संक्रमण के बाद कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े लोग एक दूसरे पर टिप्पणी कर रहे थे। कुछ ग्रुपों में सांप्रदायिक कमेंट्स किए गए थे। इससे माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 10 लोगों को चिहिृृत कर कोतवाली बुलाया और उनकी काउंसिलिंग की। उन्हें समझाया गया कि जब हर कोई कोरोना से उबरने के प्रयास में लगा हुआ है। पुलिस दिन-रात चेकिंग में लगी हुई है। ऐसे में लोगों द्वारा की गई बेवजह टिप्पणी से स्थिति खराब हो सकती है। कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि उक्त लोगों को हिदायत दी गई कि भविष्य में गलत टिप्पणियां करने से बचे।
कोरोना संक्रमित की अफवाह फैलाने पर एक का चालान
रुद्रप्रयाग। सोशल मीडिया पर कोरोना संक्रमित होने की अफवाह फैलाने के आरोप में राजस्व पुलिस ने सतरेखाल के एक व्यक्ति का चालान किया।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि सरकार द्वारा बिना किसी पुष्टि के कोरोना से जुड़ी किसी भी खबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने की हिदायत दी थी। बावजूद सतेराखाल निवासी एक व्यक्ति ने अपने ेफेसबुक अकाउंट पर स्थानीय एक व्यक्ति के कोरोना से संक्रमित होने का पोस्ट किया था। उन्होंने बताया कि जनपद में अभी तक कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। कहा कि अनावश्यक बिना जांचे किसी भी पोस्ट/सूचना को न ही शेयर करे न पोस्ट करें। ब्यूरो