पौड़ी में ज्ञापन देने पहुंचे बंदूण गांव के ग्रामीण।
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जयहरीखाल ब्लाक के बंदूण गांव में सड़क निर्माण के चलते के ग्रामीणों का पेयजल स्रोत खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों ने एडीएम पौड़ी से प्राकृतिक पेयजल स्रोत के संरक्षण की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान की गई कटिंग से प्राकृतिक पेयजल स्रोत को खतरा पैदा हो गया है। वहीं पीएमजीएसवाई का कहना है कि प्राकृतिक स्रोत को को कोई नुकसान न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
मंगलवार को ब्लाक जयहरीखाल के बंदूण गांव के ग्रामीणों ने मुख्यालय पौड़ी पहुंच एडीएम डा. एसके बरनवाल से मुलाकात की। इस मौके पर बंदूण की ग्राम प्रधान अंजलि देवी ने बताया कि क्षेत्र में पीएमजीएसवाई की ओर से सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए की जा रही कटिंग से उनका प्राकृतिक स्रोत खतरे में आ गया है। उन्होंने बताया कि स्रोत का संरक्षण नहीं किए जाने से गांव की 850 की आबादी के साथ ही मवेशियों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य के साथ-साथ प्राकृतिक स्रोत का संरक्षण किए जाने की मांग की। उधर, पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता जगदीश सिंह खाती ने बताया कि प्राकृतिक स्रोत की सुरक्षा के लिए डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय तकनीकी समिति गठित की गई है। समिति में ईई लोनिवि दुगड्डा, जल संस्थान व जल निगम कोटद्वार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी समिति की ओर से दिए गए सुरक्षा उपायों के तहत ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। खाती ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान प्राकृतिक स्रोत के संरक्षण का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, मोहन सिंह, राहुल, सुशील, जितेंद्र लाल आदि मौजूद थे।