देवप्रयाग। झल्ड गांव में गढ़वाल की पौराणिक लोक संस्कृति संरक्षण व लोक कलाकारों के सम्मान में भव्य ढोल-ढोलिया का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जर्मनी में नौकरी कर रहे झल्ड गांव निवासी राकेश पंवार ने अनूठी पहल की गई।
प्रतियोगिता में टिहरी, पौड़ी सहित गढ़वाल मंडल से पहुंची 11 टीमों के ढोल वादकों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। ढोल-दमाऊ की मंगल ध्वनि और पारंपरिक थाप से पूरा क्षेत्र सांस्कृतिक तरंगों से सराबोर हो उठा। प्रतियोगिता डॉ सोहन लाल, आचार्य आदित्य सेमल्टी व सच्चिदानंद सेमल्टी ने किया। कड़े व रोचक मुकाबले में सिद्धपीठ सुरकंडा के रुकम दास ने अपनी उत्कृष्ट ढोल वादन कला के दम पर पहला स्थान हासिल किया उन्हें 51 हजार की राशि प्रदान की गई। दूसरे स्थान पर रहे चाका लसेर के मुन्ना दास को 21 हजार, तीसरे स्थान पर पौड़ी के सोहन लाल को 11 हजार व चौथे स्थान पर रहे पौड़ी के ही विनीत सुमीत को भी 11 हजार की राशि दी गई। विजेताओं को वीरेंद्र जुयाल,राज्य मंत्री विनोद सुयाल,ग्राम प्रधान कुसुम पंवार,संगीत पंवार ने पुरस्कृत किया। संवाद