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Pauri News: कल्जीखाल के हाईस्कूल डांगी के छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रहा भालू

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कल्जीखाल के हाईस्कूल डांगी के छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रहा भालू
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संवाद न्यूज एजेंसी
पौड़ी। विकासखंड कल्जीखाल के डांगी और थनूल गांवों में भालू की दहशत से स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शुक्रवार सुबह डांगी गांव के बच्चों को रास्ते में भालू अपने शावकों के साथ दिखाई दिया जिससे बच्चे वापस घर लौट आए।
हाईस्कूल डांगी के बच्चों और अभिभावकों को इन दिनों भालू की दहशत के साये में स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीण व सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव के तीन बच्चे स्कूल जा रहे थे। इसी बीच उन्हें भालू अपने शावकों के साथ दिखाई दिया जिससे बच्चे डर कर वापस गांव लौट गए। ग्रामीण पटाखे लेकर वहां पहुंचे और भालू को वहां से खदेड़ा। बताया कि स्कूल गांव से करीब दो से ढाई किमी दूर है और मार्ग में जंगल होने से अक्सर भालू व गुलदार दिखाई देते हैं। पूर्व में भी भालू की दहशत के चलते वन विभाग की टीम गश्त के साथ बच्चों को लाने ले जाने का काम भी करती थी। लेकिन अब अभिभावक ही बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने जाते हैं। बताया कि स्कूल में कुल छह बच्चे पढ़ रहे हैं। जिसमें तीन डांगी और तीन थनूल के बच्चे शामिल हैं। उन्होंने वन विभाग से भालू की दहशत से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
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खंड शिक्षा अधिकारी कल्जीखाल संजय कुमार ने बताया कि इस विद्यालय को डांगी गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किए जाने के संबंध में पहले भी अभिभावकों से वार्ता हुई थी। थनूल के लोगों के लिए डांगी प्राथमिक विद्यालय करीब एक से डेढ़ किमी दूर पड़ रहा है जिससे दोनों गांवों के अभिभावकों में आपसी सहमति नहीं बन पाई है। हाईस्कूल डांगी की प्रधानाध्यापिका नीलम बिष्ट ने बताया कि विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिनेश चौहान डांगी गांव से आते हैं। वह हर रोज बच्चों को अपने साथ लेकर ही स्कूल पहुंचते हैं। वहीं गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि भालू की सक्रियता की जानकारी ली जा रही है। जल्द ही टीम को मौके पर तैनात किया जाएगा।
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