कल्जीखाल ब्लाक के जमकंडी गांव में भालू का बच्चा दस घंटे तक सिंचाई के लिए बने हौज में फंसा रहा। ग्रामीणों की सूचना देने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे हौज से सुरक्षित बाहर निकाला। भालू के इस बच्चे को पकड़कर न ले जाने से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव भी किया।
जमकंडी गांव के ग्रामीणों के अनुसार सोमवार की रात को इस गांव में कुछ भालू आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान करीब दो बजे तीन साल का भालू का बच्चा गांव में सिंचाई के लिए बनाए गए करीब दस फुट गहरे हौज में गिर गया। हौज से बाहर नहीं आ सकने के कारण वह रात भर चीखता रहा। मंगलवार को सुबह जब कई ग्रामीण हौज के समीप पहुंचे तो उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ रमेश चंद्र की अगुवाई में विभाग की टीम करीब दस बजे गांव पहुंची। काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी भालू के बच्चे को बाहर निकालने में सफलता न मिलने पर विभागीय कर्मियों ने करीब दस फुट से अधिक लंबे पेड़ को काटकर हौज के किनारे खड़ा किया।
कुछ ही देर में भालू पेड़ के सहारे बाहर निकलकर भाग गया। भालू के बच्चे को पकड़कर जंगल में नहीं छोड़ने से लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव कर दिया। उनका कहना था कि वन विभाग को भालू को भगाने के बजाय उसे पकड़कर दूसरी जगह जंगल में छोड़ना चाहिए था। क्षेत्र में कई भालू होने से लोग काफी परेशान हैं। डीएफओ रमेश चंद्र के समझाने पर लोग शांत हुए।