गढ़वाल विवि के बीजीआर परिसर का बार काउंसिल ऑफ इंडिया दौरा करेगी। परिसर में विधि संकाय के बिना मान्यता संचालित होने पर छात्र-छात्राओं को भविष्य की चिंता सता रही है। छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने परिसर निदेशक से मुलाकात कर समस्या के समाधान की गुहार लगाई।
बीजीआर परिसर पौड़ी के बिना मान्यता संचालन का मामला परिसर के छात्र युगांत परिहार की शिकायत पर सामने आया। युगांत ने पौड़ी परिसर से वर्ष 2018 में एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण की। दिल्ली हाईकोर्ट में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन फार्म भरा, लेकिन हाईकोर्ट ने युगांत का फार्म यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि बीजीआर परिसर पौड़ी बार ऑफ काउंसिल इंडिया की मान्यता नहीं है। मामला सामने आने के बाद परिसर में एलएलबी, एलएलएम की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी।
विधि संकाय संचालन के लिए प्रत्येक वर्ष बार काउंसिल आफ इंडिया में शुल्क जमा करवाना पड़ता है। शुल्क जमा करवाने के बाद ही कक्षाओं के संचालन की अनुमति मिलती है। आरोप है कि परिसर ने साल 2010 के बाद 2017 में शुल्क जमा किया, लेकिन विलंब शुल्क जमा नहीं करने से कक्षाओं के संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। बुधवार को एलएलएम प्रथम वर्ष के छात्र मोहित सिंह, मयूर भट्ट के नेतृत्व में छात्रों ने परिसर निदेशक प्रो. आरएस नेगी से मुलाकात कर मामले के जल्द समाधान मांग की। इस दौरान परिसर निदेशक प्रो. आरएस नेगी ने कहा कि विधि संकाय की कक्षाओं को बार काउंसिल आफ इंडिया से संचालन की अनुमति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में विवि प्रशासन की ओर से देरी हुई है। विवि प्रशासन द्वारा बार काउंसिल ऑफ इंडिया में फीस जमा कर दी गई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम जल्द ही परिसर पहुंच विधि संकाय का निरीक्षण करेगी।