पौड़ी। जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या लोकगायिका करिश्मा शाह और रुहान भारद्वाज की युगल प्रस्तुति के नाम रही। गढ़वाली, जौनसारी और पंजाबी गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने ऐसा रंग जमाया कि दर्शक देर रात तक झूमते और थिरकते रहे।
मंगलवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केसर सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि शहर के सांस्कृतिक उत्सवों को भविष्य में और बेहतर स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही नगरवासियों से एकता के साथ नगर विकास में सहयोग और सुझाव देने की अपील की।
कार्यक्रम की शुरुआत करिश्मा शाह ने अपने लोकप्रिय गीत शिमले नि वसणा.. से की। इसके बाद ‘बेडू पाको बारामासा..., अब लगालु मांडण..., फूल फूले यारो..., सोवनी काली चूड़ी कांच की..., डम-डम हुड़को बाजे खुट्टी रॉड़ गै... और जौनसारी गीत मेरी प्यारिए... की प्रस्तुति देकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
वहीं रूहान भारद्वाज ने हे भोजी रंगीली भोजी..., भक्तु मामा कांशीराम..., पारे भीड़ा की घसेरी छोरी..., शिव गंगा न्योला..., चैता की चैत्वाली..., मोहना तेरी मुरली बाजे... और कनी साजली तेरी... समेत कई गढ़वाली और पंजाबी गीतों की दमदार प्रस्तुति दी।
इससे पूर्व मंथन नृत्यालय के कलाकारों ने बाबा रे गोरिल कंडोलिया... की प्रस्तुति से कार्यक्रम का आगाज किया। पराज इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंस के कलाकारों ने नंदा राजजात पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जबकि भूमिका एंड डांस ग्रुप के कलाकारों ने आंछरी नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, गणेश खुगशाल गणी, डॉ. विंदेश्वर बलोदी सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।