थलीसैंण। विकास खंड थलीसैंण के एक माध्यमिक विद्यालय में सेवारत परिचारक लंबे समय से नशे की हालत में विद्यालय आ रहा है। प्रधानाचार्य ने परिचारक को लिखित व मौखिक चेतावनी दी। स्पष्टीकरण भी तलब किया। लेकिन उसकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। प्रधानाचार्य की शिकायत पर बीईओ ने प्रकरण की जांच दो सदस्यीय कमेटी से कराई। जांच में परिचारक के नशे में होने की पुष्टि हुई। बीईओ थलीसैंण ने डीईओ बेसिक पौड़ी को रिपोर्ट भेजकर परिचारक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।विकास खंड थलीसैंण के जीआईसी गुलियारी के प्रधानाचार्य ने बीते 12 दिसंबर को एक शिकायती पत्र बीईओ थलीसैंण को भेजा था। पत्र में प्रधानाचार्य ने बताया था कि विद्यालय में सेवारत परिचारक विद्यालय में शराब के नशे में आता है। उसे कई बार मौखिक व लिखित चेतावनी दी। साथ ही परिचारक से कई स्पष्टीकरण तलब किए गए, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आ रहा है। प्रधानाचार्य की शिकायत पर बीईओ ने अटल उत्कृष्ट जीआईसी चाकीसैंण व जीआईसी चौंरा के प्रधानाचार्यों की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच टीम जब बीते 19 दिसंबर को जीआईसी गुलियारी पहुंची, तो परिचारक विद्यालय परिसर में नशे की हालत में मिला था। किसी तरह टीम ने परिचारक को उठाकर बिठाया, लेकिन वह कुछ भी नहीं कह पाया। जांच दल ने विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, छात्रों व अन्य स्टाफ से प्रकरण को लेकर पूछताछ की। परिचारक के व्यवहार से टीम ने विद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर विपरीत प्रभाव पड़ना, छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व पर बुरा प्रभाव होने, एसएमसी की बैठक में उसे पद से हटाने का प्रस्ताव पारित होना पाया।
- जीआईसी गुलियारी में सेवारत परिचारक के नशे के हालत में विद्यालय आने के शिकायत की जांच में पुष्टि हुई है। प्रकरण की जांच रिपोर्ट डीईओ पौड़ी को भेज कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। -विवेक पंवार, बीईओ थलीसैंण।