श्रीनगर। कटकेश्वर मंदिर घस्या महादेव में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के सातवें दिन आचार्य मधुसूदन घिल्डियाल ने कहा कि निर्मल मन, सत्य, श्रद्धा और विश्वास से ही परमात्मा प्रसन्न होकर भक्त को अभयदान देते हैं। धर्म, मर्यादा और पुण्य कर्म से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव हो सकती है। कहा कि भगवान ने मनुष्य को कर्म की स्वतंत्रता दी है कर्म के अनुसार ही फल की प्राप्ति होती है। मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी उसके पुण्य कर्म हैं, क्योंकि शरीर के न रहने पर भी कर्म साथ जाते हैं। इस मौके पर यजमान रमेश गिरि, महंत महेश गिरि, विनीत गिरि, हरीश गिरि, पंडित रवि बहुगुणा, विभोर बहुगुणा आदि मौजूद रहे।