ताई लीलावती भंडारी ने भतीजी अंकिता की अंत्येष्टि में साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर शाम होने के बावजूद जबरन अंकिता का अंतिम संस्कार करा दिया गया। उन्होंने कहा कि मां को अंकिता के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए।
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के सामने लीलावती देवी का दर्द छलक पड़ा। लीलावती ने बताया कि डीएम ने उनसे राय पूछी तो उन्होंने अगले दिन अंतिम संस्कार की बात कही थी। लेकिन प्रशासन ने दबाव बनाकर उसी दिन अंतिम संस्कार करा दिया। प्रशासन ने अंकिता की मां को बड़ी चालाकी से अस्पताल में भर्ती करा दिया। इन्हीं कारणों से श्रीकोट व आसपास के गांवों के लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। दूसरी ओर, ताऊ राजेंद्र सिंह भंडारी ने सवाल उठाया कि अंकिता के शरीर पर चोटा के निशान कैसे आए। उन्होंने कहा कि नहर में चोट लग ही नहीं सकती। उन्होंने कहा कि अंकिता के दांत कैसे टूटे।