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पिता चीन के खिलाफ लड़े, विंग कमांडर बेटे ने पूरा किया सपना

Thu, 30 Jul 2020 01:48 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अनंतनाग/श्रीनगर
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हिलाल अहमद राथर के बहनोई डॉ. अयूब मट्टू - फोटो : अमर उजाला
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राफेल युद्धक विमान लेकर भारत आने वाली स्क्वाड्रन में शामिल एयर कोमोडोर हिलाल अहमद राथर के दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग स्थित उनके घर में जश्न का माहौल है। उनके बहनोई डॉ. अयूब मट्टू का कहना है कि हिलाल ने अपने पिता के सपने को पूरा किया है। उनके पिता का बचपन से सपना था कि उनका बेटा भारतीय वायुसेना में अपना नाम रोशन करे। आज वह दुर्लभ पल सामने है। अफसोस है कि इसे देखने के लिए उनके ससुर जीवित नहीं हैं।

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डॉ. अयूब बताते हैं कि इस उपलब्धि से हर कश्मीरी का सीना चौड़ा हो गया। पांच भाई-बहनों में शामिल हिलाल बचपन से ही काफी होशियार था। वह विनम्र और बहुत ही जमीन से जुड़े ईमानदार इंसान हैं। बचपन से आज तक हर क्षेत्र में वो अव्वल रहे हैं। हिलाल ने अपने पिता के सपने को साकार किया है। बदकिस्मती से वर्ष 2014 में देहांत के कारण इस उपलब्धि को देखने के लिए वह मौजूद नहीं हैं। परंतु वह जहां भी होंगे बेटे की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे होंगे।

हिलाल के बहनोई कहते हैं कि आज जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख के लिए भी फख्र का दिन है। हमें जब इस बात की जानकारी मिली कि राफेल को लाने की जिम्मेदारी निभाने वाली टीम में हिलाल भी है तो हमने पूरे परिवार के बीच मिठाई बांटी। सब बेहद खुश हैं। जब से मीडिया में यह खबर आई है तब से मुझे बड़ी संख्या में बधाइयों के फोन आ रहे हैं। हम सभी को बहुत गर्व है।
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पिता ने लड़ी थी चीन के खिलाफ लड़ाई
गौरतलब है कि बक्षियाबाद अनंतनाग के रहने वाले हिलाल के पिता मोहम्मद अब्दुल्ला राथर जम्मू एंड कश्मीर लाइट इंफैंट्री (जैकलाई) में थे। उन्होंने वर्ष 1962 में चीन के खिलाफ जंग लड़ी थी। बाद में उन्हें उनकी बहादुरी के लिए सेना मेडल से सम्मानित भी किया गया था। लेकिन सम्मानित होने से पूर्व हिलाल के पिता इस युद्ध के दौरान लापता हो गए थे। उनके परिवार को पिता की वर्दी मिली और बताया गया कि वह शहीद हो गए हैं, परंतु तीन महीने बाद वह लौट आए थे। बाद में उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस को ज्वाइन किया और डीएसपी के रूप में रिटायर हुए।

घर में सबसे छोटे हैं बिलाल
एयर कोमोडोर हिलाल पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनकी सबसे बड़ी बहन लेक्चरर है, दूसरी बहन लॉं अफसर, तीसरी बहन लेक्चरर, एक भाई रसायन शास्त्र का लेक्चरर है। हिलाल के दो बच्चे हैं। एक ने इक्नोमिक्स और साइकॉलजी में बैचलर डिग्री की है जबकि एक अन्य यूरोप में बिजनेस स्टडी कर रहा है। हिलाल की पत्नी समीना एमएससी है।

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