श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के ग्राम पंचायत लक्ष्मोली, जियालगढ़ व चौपड़िया आदि गांवों के खेतों की सिंचाई नहर और गूल क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण खासे परेशान हैं। सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से ग्रामीणों की भूमि बंजर होने लगी है।
ग्रामीण भवानी रावत ने बताया कि लक्ष्मोली और जियालगढ़ के ग्रामीणों का कृषि कार्य मुख्य व्यवसाय है। यहां सब्जी उत्पादन के साथ ही लोग विभिन्न प्रकार की फसलेें भी उगाते हैं। खेतों की सिंचाई के लिए बनाई गई मलेथा नहर की सहायक गूल लक्ष्मोली एक वर्ष से अधिक समय से क्षतिग्रस्त है। इससे ग्रामीणों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। नहर क्षतिग्रस्त होने से इस बार धान की रोपाई भी नहीं हो पाई है, जबकि सब्जी के व्यवसाय पर निर्भर कई परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो चुका है। वहीं सहायक अभियंता कमल सिंह ने बताया कि नहर की मरम्मत के लिए नवार्ड में प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृत होने पर नहर की मरम्मत करवाई जाएगी। संवाद